कोविशील्ड से होने वाले साइड इफेक्ट्स की सच्चाई।

कोविड -19 महामारी दुनिया भर में एक ऐसा दौर था, जो पूरे विश्व को एक बड़ी जनहानि की और ले जा रहा था। विश्वभर के वैज्ञानिको के लिए इस बीमारी का जल्द से जल्द कारगर वैक्सीन ढूँढना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा था। 

कोविशील्ड वैक्सीन की खोज।

विश्व की जानी मानी फार्मा  कंपनी Astrazeneca और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिको ने संयुक्त रूप से वर्ष 2020 के अंत में एक कोविशील्ड नमक वैक्सीन विकसित किया। भारत में इस वैक्सीन के निर्माण के लिए उन्होंने पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया से करार किया था।

वैक्सीन का विकास। 

अमूमन किसी वैक्सीन को विकसित करने में मिनिमम 5 से 6 वर्ष लगते है।  पर इस वैक्सीन को एक वर्ष से भी काम अवधि में विकसित किया गया था। इस वैक्सीन को लेकर दुनिया भर की साइंटिफिक कम्युनिटी ने वैक्सीन के विकास के दौरान जरुरी सावधानियाँ और चेक्स को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया।

वैक्सीन का विकास किस सिद्धांत पर किया गया।

यह एक चिमपैंजी एडिनो वायरस वैक्सीन है, इसमें जो स्पाइक प्रोटीन है वह कोरोना वायरस वाली डाल दी जाती है। जब हम यह वैक्सीन लेते है और यह हमारे शरीर में जाती है, तो हमारे शरीर को लगता है की कोरोना वायरस आ गया है, तो इसे लेने से हमारे शरीर को नुक़सान नहीं पहुँचता है, और हमारा सिस्टम इम्यून हो जाता है। जब कोरोना वायरस के संपर्क में आते है तो हमारी बॉडी इससे लड़ने के लिए तैयार हो जाती है।

कोविशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स।

कोविशील्ड बेसिकली एक चिमपैंजी एडिनो वायरस वैक्सीन है, इस तरह की जो  चिमपैंजी एडिनो वायरस वैक्सीन है, इनमे TTS के Syndrome देखा गया है। TTS (Thrombosis with Thrombocytopenia Syndrome) जिसमे ब्लड क्लॉटिंग होना और प्लेटलेट काउंट का एकदम से कम हो जाना मुख्य है।  कोविशील्ड वैक्सीन  लेने वाले लोगो में यह साइड इफेक्ट्स देखे गया है, पर यह बहुत रेयर केस में ही देखा गया है।

एस्ट्राजेनिका का वैक्सीन पर कबूलनामा। 

हाल ही में यूके के हाई कोर्ट में Jammie Scott नमक एक व्यक्ति द्वारा लगायी गयी याचिका ने वैक्सीन से होने वाले गंभीर साइड इफ़ेक्ट (Side Effect) की बात कही गयी थी। इस याचिका के जवाब एस्ट्राजेनिका ने माना की वैक्सीन लेने में रेयर केस में यह साइड इफेक्ट्स (Side Effects) हो सकते है।

कोविशील्ड वैक्सीन पर रोक लगाने वाले देश।

इसके साइड इफेक्ट्स की शिकायत आने के बाद इन देशो ने लगाई इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक : डेनमार्क, आयरलैंड, थाईलैंड, कांगो, बुल्गारिया, जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्पेन, कनाडा, स्वीडन, लातविया, स्लोवेनिया, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, और मलेशिया।

WHO की कोविशील्ड के इस्तेमाल पर राय।

जब बहुत सारे देश इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा रहे थे, तब WHO सामने आया और उसने बयान जारी किया की एस्ट्राजेनिका के इस वैक्सीन के भले ही साइड इफेक्ट्स हो, फिर भी इसके जो बेनिफिट्स है वह बहुत ज्यादा है।  इसके लेने में कोई हर्ज़ नहीं है WHO ने इस बात को क्लियर किया