Benefits of MilletsBenefits of Millets
मिलेट्स छोटा और मोटा अनाज होता है, इसमें राजगीरा (Amaranth), सनवा (Barnyard), कुट्टू (Buckwheat), रागी (Finger millet), कंगनी (Foxtail millet), कोड़ो (Kodu), सामा या कुटकी (Little millet), बाजरा (Pearl millet), चेना (Proso millet), जवार (Sorghum), हरी कंगनी (Browntop millet) आदि।

आज के 50-60 पहले मिलेट्स का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता था पर जैसे-जैसे हम वेस्टर्न कल्चर की तरफ जाते गयें हम मिलेट्स को भूल गए और इसको हम गरीबो का भोजन कहने लगे, जैसे-जैसे हरित क्रांति आयी हम लोगो ने गेहूँ और चावल को ज्यादा इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

पर आज जैसे-जैसे इसके बेनिफिट्स का पता चल रहा है वैसे वैसे इसकी डिमांड बढ़ती जा रही और यह महंगे भी होते जा रहे है, आज इस लेख में हम आपको मिलेटस के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करने की कोशिश करेंगे।

अनाजों को डॉक्टर खादर वल्ली ने तीन भागो में बाँटा है।

1. नेगेटिव ग्रेन्स (Negative grains)

2. न्युट्रल ग्रेन्स (Neutral grains)

3. पॉजिटिव ग्रेन्स (Positive grains)

इससे पहले हम तीनो प्रकार ग्रेन्स के बारे में जाने हमे ग्लूटेन के बारे में जानना होगा।

ग्लूटन क्या है ? (What is gluten?)

ग्लूटन एक प्रकार का प्रोटीन होता है जो गेहूँ में पाया जाता है यह एक लसलसा पदार्थ होता है, ग्लूटेन के ही कारण गेहूँ और मैदा के गूथे हुए आटे में लचीलापन रहता है। ग्लूटन युक्त आहार ज्यादा मात्रा में लेने से शरीर में मोटापा, कब्ज़, गैस आदि की समस्या हो सकती है।

1. नेगेटिव ग्रेन्स (Negative grains)

नेगेटिव ग्रेन्स में बहुत ज्यादा ग्लूटन होता है और ग्लूटन की वजह से हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम पर बहुत ज्यादा लोड पड़ता है, और भोजन हमे डाइजेस्ट नहीं होता है, कॉन्स्टिपेशन यानी कब्ज जैसी कई समस्या आ जाती है और मोटापा जैसी कई बीमारियां लग जाती है।
अब हम देखेंगे की नेगेटिव ग्रेन्स में कौन-कौन से ग्रेन्स आते है, नेगेटिव ग्रेन में गेहूं और चावल आतें है गेहूं और चावल में बहुत ज्यादा मात्रा में ग्लूटन पाया जाता है। इसलिए आज कल डॉक्टर मोटापा, डायबिटीज जैसी समस्याओं से जूझ राहें लोगो को गेहूं और चावल का उपयोग कम करने की राय देते है।

2. न्यूट्रल ग्रेन्स (Neutral grains)

दूसरे होते है न्यूट्रल ग्रेन्स इनमे बहुत काम मात्रा में ग्लूटन होता है इसमें आतें है जौ, जवार, और रागी यह हमारी हेल्थ के लिए अच्छे इनमे काम मात्रा में पर ग्लूटन पाया जाता है।

3. पॉजिटिव ग्रेन्स  (Positive grains)

जैसे नाम से ही पता चल रहा है की यह हमारे लिए पॉजिटिव है, यह छोटा और मोटा अनाज होता है जो हमारी हेल्थ के लिए अच्छे होते है। यदि आप मोटापा, डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम जैसी समस्याओं से पीड़ित हो तो आप दिन में एक बार पॉजिटिव ग्रेन का सेवन जरूर से करें ये ग्लूटन फ्री होते है इनमे इनमे ग्लूटेन नहीं होता है और फाइबर इनमे बहुत ज्यादा होता है और बहुत से विटामिन्स इनमे प्रचुर मात्रा में पाये जाते है और यह सेहत के लिए बेहतरीन होते है।

पॉजिटिव ग्रेन्स की सूची [List of Positive grains(millets)]

  1. Foxtail Millets (कंगनी)
  2. Little Millets (कुटकी)
  3. Proso Millets (सामा)
  4. Kodo Millets (कोड़ो)
  5. Barnyard Millets (संवा, सानवा)
  6. Browntop Millets (हरी कंगनी)

बाजरा खाने के फायदे (Benefits of Consuming Millet)

  • बाजरे (Millet) के ग्लूटन फ्री (Gluten Free) और फाइबर रीच (Fiber rich) होने के कारण इसका पाचन आसानी से हो जाता है।
  • मिलेट्स (Millets) का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic index) बहुत कम होता है, मिलेट्स (Millets) ग्लूकोज़ (Glucose) में बहुत धीरे से कन्वर्ट होते है यह शरीर में इन्सुलिन (Insulin) की जरुरत को भी नियंत्रित करते जो डायबिटीज (Diabetes) या शुगर (Sugar) भढने का भी प्रतिकार करते है।
  • मिलेट्स (Millets) पोषण से भरपूर होते है इनमे अच्छी मात्रा में मिनरल्स (Minerals), विटामिन्स (Vitamins), माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (Micronutrients), एमिनो एसिड्स (Amino acids), और पॉलीफेनोल्स (Polyphenols) होते जो हमारे शरीर की क्षमता (Efficiency) भढाने में मदद करते है और हमारे शरीर को शक्ति प्रदान करते है।
  • मिलेट्स (Millets) में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) के कारण यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भढ़ाते है।
  • मिलेट्स (Millets) ग्लूटन (Gluten) फ्री होने के कारण मोटापे (Obesity) की समस्या से पीड़ित लोगो के लिए यह आटे और चावल का बहुत अच्छा विकल्प है, मोटापा कम करने के लिए यह बहुत कारगर है।
  • सीलिएक (Celiac) बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का पाचन तंत्र ग्लूटन रेसिस्टेंट (Gluten Resistant) होता है, इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति आटे, मैदे का प्रयोग नही कर सकता ऐसे रोगियों के लिए मिलेट्स (Millets) का प्रयोग करना अत्यंत लाभदायक है, क्यूंकि मिलेट्स ग्लूटेन फ्री (Gluten free) होते है।
  • जिनको कैंसर (Cancer) जैसी बीमारियां उनके लिए मिलेट्स (Millets) सुपरफूड (Superfood) है।
  • मिलेट्स का कार्ब्स, फाइबर (Carbs/fiber) अनुपात (ratio) 10 से कम होता है, जिन ग्रेन्स (Grains) का कार्ब्स /फाइबर अनुपात 10 से कम होता है वह बिमारियों को ठीक करते है।

अब हम देखते हैं विभिन्न मिलेट्स (Millets) के लाभ और उनका पोषण (Nutrition):

Benefits of Consuming Millet

1. Foxtail Millet (कंगनी):

इसमें फाइबर (Fiber) और प्रोटीन (Protein) भरपूर मात्रा में पायी जाती है, इसे तंत्रिका तंत्र (Nervous system) के लिए सुपरफूड (Superfood) माना जाता है, हड्डियों (Bones) का दुखना, खून (Blood) की कमी और मोटापा (Obesity) जैसी बीमारियों में यह श्रेष्ठ है।

कंगनी का पोषण मूल्य (Nutritional Value of Foxtail Millet)

Nutritional Value of Foxtail Millet

Nutrition per 100 grams

Energy (Kcal)331
Protein12.30 gram
Carbohydrate60.9 gram
Crude fiber14.0 gram
Calcium31.0 milligram
Iron3.6 milligram

 

2. Little Millet (कुटकी):

इसके नियमित प्रयोग से डायबिटीज (Diabetes)  को रिवर्स किया जा सकता है, यह शुगर (Diabetes और हार्ट (Heart) के                 पेशेंट्स के लिए बहुत फायदेमंद है, इसमें विटामिन्स और मिनरल्स बहुत अच्छी मात्रा में पाएं जाते है।

Nutritional Value of Foxtail Millet (कुटकी)

Nutrition per 100 grams

Calories378 kcal19%
Total Carbohydrate72.9 gram24%
Dietry Fiber8.5 gram34%
Sugars0 gram0%
Total Fat4.2 gram6%
Saturated Fat0.7 gram4%
Protein11 gram22%
Thiamin0.4 mg28%
Riboflavin0.3 mg17%
Niacin4.7 mg24%
Vitamin B60.4 mg19%
Folate85 μg21%
Pantothenic Acid0.8 mg8%
Iron3 mg17%
Magnesium114 mg29%
Phosphorus285 mg28%
Potassium195 mg6%
Zinc1.7 gram11%
Copper0.7 mg37%
Manganese1.6 mg82%

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3. Proso Millet (सामा, चेना):

चेने में कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate), मैग्नीशियम(Magnesium), प्रोटीन(Protein), फाइबर(Fiber), फॉस्फोरस (Phosphorus), विटामिन बी 6 (Vitamin B6), और आयरन (Iron) भरपूर मात्रा में पाया जाता है, चेने में भरपूर फाइबर होने के कारण यह पचने(Digestion) में आसान है और इसे खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती और यह हमारे मोटापे (Obesity) की समस्या को दूर करता है।

Nutritional Value of Proso Millet (चेने)

Nutrition per 100 grams

Energy378 kcal19%
Total Carbohydrate72.85 gram24%
Dietry Fiber8.5 gram34%
Sugars0 gram0%
Total Fat4.2 gram6%
Saturated Fat0.7 gram4%
Protein11.02 gram22%
Thiamin0.42 mg28%
Riboflavin0.29 mg17%
Niacin4.72 mg24%
Vitamin B60.38 mg19%
Vitamin B9 (Folate)85 μg21%
Pantothenic Acid0.85 mg8%
Iron3.01 mg17%
Magnesium114 mg29%
Phosphorus285 mg28%
Potassium195 mg6%
Zinc1.68 gram11%
Copper0.75 mg37%
Manganese1.63 mg82%
Selenium, Se2.70 mg5%

 

4.  Kodo Millet (कोदरा):

कोड़ो मिलेट बहुत ही अच्छा मिलेट(Millet) है, इनमे अच्छी मात्रा में कार्बोहायड्रेट (Carbohydrate), प्रोटीन (Protein), और फाइबर (Fiber) पाया जाता है, इसमें कैल्शियम (Calcium), आयरन (Iron), और फॉस्फोरस (Phosphorus) जैसे मिनरल्स (Minerals), नियासिन (Niacin) और राइबोफ्लेविन (Riboflavin) जैसे विटामिन भी पाए जाते है। इस मिलेट (Millet) में अच्छी  प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स होने के कारण इस मिलेट के प्रयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भढ़ती है, प्रचुर मात्रा में फाइबर होने के कारण यह मिलेट सुपाच्य होता है, अन्य मिलेट्स की तरह यह भी मोटापा कम करने में, डायबिटीज कण्ट्रोल करने में और हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा होता है।

कोडो मिलेट के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ (Health benefits of consuming Kodo millet)

  • कोड़ो मिलेट ब्लड प्यूरीफायर का काम करता है।
  • कोडो मिलेट लिवर और किडनी को डेटॉक्स करता है, और स्वस्थ रखता है।
  • इस मिलेट में प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होते है, जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भढ़ाते है।
  • यह मिला असामान्य कोशिकाओं की बढ़ोतरी को रोकता है इसलिए इस मिलेट को एंटी कैंसर भी है और कैंसर की रोकथाम में मददगार है।
  • यह ब्लड ग्लूकोज लेवल को भी कंट्रोल रहता है, इसलिए यह एंटी डायबिटिक है और डायबिटीज में इसका सेवन उत्तम है।
  • यह असामान्य रूप से उच्च लिपिड स्तर को नियंत्रित करने में मददगार है, इसलिए यह हृदय के स्वास्थ्य के लिए उत्तम है।
  • इस मिलेट में अच्छी मात्रा में मिनरल्स (Minerals), विटामिन्स (Vitamins) और अन्य मिक्रोनुट्रिएंट्स (Micronutrients) मौजूद होने के कारण यह मिलेट हमारे शरीर की पोषण की आवश्यकता पूरी करने में बहुत लाभदायक है।

कोडो (कोदरा) का पोषण मूल्य (Nutritional Value of Kodo Millet)

Nutritional Value of Kodo Millet

Nutrition per 100 grams

Energy353 Kcal (kilocalorie)
Carbohydrate59.2 gram
Protein10.6 gram
Fiber10.2 gram
Fats4.2 gram
Phosphorus188 milligram
Potassium107.8 milligram
Calcium27 milligram
Sodium3.48 milligram
Vitamin B32.0 milligram
Zinc1.58 milligram
Iron0.5 milligram
Vitamin B50.28 milligram
Vitamin B10.18 milligram
Vitamin B20.09 milligram
Folate33.06 microgram
Vitamin K0.5 microgram

 

5. Barnyard Millet (सांवा, सानवा):

इसे हिंदी में सांवा (Barnyard) कहते है, यह क्षारीय (Alkaline) होता है, ग्लूटेन (Gluten) फ्री है और इसका ग्लायसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) कम है। यह लगभग लिटिल मिलेट जैसा ही दिखता है, सांवा शरीर के जितने भी सॉफ्ट ऑर्गन (Soft Organ) है जैसे लिवर (Liver), किडनी (Kidney), यूरिनरी ब्लैडर (Urinary Bladder), पैंक्रियास (Pancreas), स्प्लीन (Spleen) इन सब को क्लीन कर देता है। जिससे पीलीया (Jaundice), हेपेटाइटिस (Hepatitis), लिवर सिरोसिस (Liver Cirrohisis), लिवर इन्फेक्शन (Liver Infection) से बचाव होता है। इसके साथ ही यह किडनी (Kidney) और गॉलब्लेडर स्टोन (Gallbladder Stone) की समस्या में भी राहत देता है और इनके उपचार में मदद करता है।

सांवा मिलेट (Barnyard Millet in Hindi) के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ (Health benefits of consuming Barnyard Millet)

  • इसका सेवन थायराइड (Thyroid), पैंक्रियास (Pancreas) आदि नलिविहीन ग्रंथियों (Ductless Glands) की क्षमता भढाने में मदद करता है।
  • इसके सेवन से शुगर कंट्रोल होती है, कोलेस्ट्रॉल (Chlosterol) और ट्राइग्लिसराइड (Tryglycerides) कण्ट्रोल में रहता है और काम होता है इसलिए यह डायबिटीज (Diabetes) और हार्ट (Heart) के पेशेंट्स के लिए बहुत लाभदायक है।
  • जिन लोगों को पीलिया (Jaundice) है, थायराइड (Thyroid) की समस्या है, किडनी (Kidney) या गॉलब्लेडर स्टोन (Gallbladder Stone) है उनके लिए यह सबसे अच्छा भोजन माना जाता है।

सांवा का पोषण मूल्य (Nutritional Value of Barnyard Millet)

Nutritional Value of Barnyard Millet

Nutrition per 100 grams

NutrientsPer 100 grams
Energy (kcal)302
Carbohydrate64 gram
Fat4.5 gram
Minerals3.5 gram
Fiber14 gram
Calcium23 mg
Phosphorus279 mg
Iron19 mg
Thiamine (Vitamin B1)0.22 mg
Niacin (Vitamin B3)4 mg

 

6. Browntop Millet (हरी कंगनी):

यह 5 श्रीधान्य मिलेट में से एक मिलेट है, यह एक ग्लूटेन फ्री पॉजिटिव मिलेट है, इसका दाना हरे रंग का होता है इसलिए हम इसे हरी कंगनी भी कहते है। अनपॉलिश्ड हरी कंगनी का रंग हरा होता है और हमें खाने के लिए अनपॉलिश्ड हरी कंगनी का ही इस्तेमाल करना चाहिए। हमें पॉलिश किया हुआ मिलेट नहीं खाना चाहिए इससे भोजन की पौष्टिकता और अन्य लाभों में कमी आती है। हरी कंगनी क्षारीय होती है, यह ग्लूटेन फ्री होती है, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, यह गरम मौसम की फसल है यह सबसे जल्दी उपज वाली फसल है इसकी फसल 70 से 75 दिन में तैयार जाती है।

हरी कंगनी मिलेट (Browntop Millet)  के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ (Health benefits of consuming Browntop millet)

  • यह शरीर के हर अंगों (Organs) से विषैले तत्व (Toxic elements)  बाहर निकलता है, और बॉडी डिटाक्सफाइ (Detoxify) करता है शरीर के हर अंग को शुद्ध कर देता है उसमे से विषैले तत्त्व (Toxic elements) बहार निकाल देता है।
  • हरी कंगनी मिलेट (Browntop Millet) पाचन तंत्र (Digestive System) को पूरी तरह से साफ और शुद्ध (Clean and Pure) कर देता है, गैस्ट्राइटस (Gastritis), कब्ज (Constipation), बवासीर (Piles), फिशर(fissures) इस तरह के जो भी पाचन (Digestion) संबंधित समस्याएं है इसके नियमित सेवन से यह समस्याएं ठीक हो जाती है।
  • इस मिलेट के सेवन करने से चयापचय अवशिष्ट (Metabolic waste) साफ़ हो जाता है।
  • हरी कंगनी मिलेट (Browntop Millet) एक अकेला मिलेट है जो हर प्रकार के कैंसर से लड़ने में मदद करता है।
  • हरी कंगनी मिलेट (Browntop Millet) तंत्रिका (Nervous System) सम्बंधित समस्याओ में बहुत उपयोगी है जैसे अल्झाइमर (Alzheimer’s), पार्किंसन (Parkinson’s), आटिज्म (Autism), पैरालिसिस (Paralysis) आदि में काफी उपयोगी है।
  • हरी कंगनी मिलेट (Browntop Millet) मस्तिष्क (Brain) से संबंधित समस्याओं में काफी फायदेमंद है जैसे : भूलने की समस्या (forgetfulness), याददाश्त का खो जाना, पहचान नहीं पाने की समस्या (Loss of recognition) जैसी समस्याओ में काफी लाभदायक है।
  • हरी कंगनी मिलेट (Browntop Millet) फेफड़ो (Lungs) से संबंधित जो भी समस्याएं है उनको भी ठीक करने मदद करता है।

 

हरी कंगनी का पोषण मूल्य (Nutritional Value of Browntop millet)

Nutritional Value of Browntop Millet

Nutrition per 100 grams

NutrientsPer 100 grams
Energy (kcal)300
Fat3.6 gram
Fiber13.6 gram
Protein11 gram
Carbohydrate55 gram
Calcium22 mg (milligram)
Iron18.6 mg (milligram)
Vitamin B1 (Thiamine)0.33 mg (milligram)
Vitamin B2 (Riboflavin)0.10 mg (milligram)
Vitamin B3 (Niacin)4.2 mg (milligram)

ऊपर दिए पंच धान्य अनाजों के अलावा जिन अनाजों को हम मिलेट्स की श्रेणी में रखते है। उनके बारें में भी जानकारी प्राप्त करेंगे, यह अनाज आसानी से उपलब्ध है, और बहुत सारे व्रत त्योहारों पर भी इन अनाजों के सेवन किया जाता है, यह सब कही ना कही हमारी संस्कृति और परंपराओं को विज्ञान से जोड़ता है।

7. Amaranth (राजगीरा):

राजगीरा (Amaranth) का उपयोग व्रत(fasting) में करने की परंपरा रही है, व्रत में राजगीरा (Amaranth) के आटे से हलवा, लड्डू जैसी चीज़ो को बनाने के लिए किया जाता है, जो खाने में काफी स्वादिष्ट लगती है। राजगीरा पोषक तत्वों (nutrients) से भरपूर होता है, इसमें विटामिन ए (Vitamin A), विटामिन सी (Vitamin C), विटामिन ई (Vitamin E), विटामिन के (Vitamin K), विटामिन बी 5 (Vitamin B5), विटामिन बी 6 (Vitamin B6), विटामिन बी 9 (Vitamin B9), प्रोटीन (Protein), मैंगनीज (Manganese), मैग्नीशियम (Magnesium), फॉस्फोरस (Phosphorus), कैल्शियम (Calcium), और आयरन (Iron) जैसे विटामिन्स (Vitamins) और मिनरल्स (Minerals) पाएं जातें है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से काफी लाभदायक होते है।

राजगीरा के सेवन के फायदें (Health Benefits of Consuming Amaranth)

  • राजगीरा (Amaranth) में प्रोटीन की भरपूर मात्रा पायी जाती है, प्रोटीन शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए बेहद जरूरी होता है, प्रोटीन की कमी के कारण आप कई प्रकार की बीमारियों के शिकार हो सकते हो, इसलिए अगर आप राजगीरा का सेवन करते हो तो इससे शरीर में प्रोटीन की कमी नहीं होती।
  • राजगिरा में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाये जाते है, इसलिए शरीर में सूजन की समस्या होने पर इसका उपयोग काफी लाभदायक होता है, इसका उपयोग सूजन कम करने में बहुत फायदेमंद है।
  • बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियाँ कमजोर होने लगती है, लेकिन अगर आप राजगिरा का सेवन करते है तो हड्डियाँ मजबूत होने लगती है, क्योकि राजगिरा में कैल्शियम की भरपूर मात्रा पायी जाती है। राजगिरा का सेवन हड्डियों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है।
  • कोलेस्ट्रॉल को कण्ट्रोल करने के लिए राजगिरा का सेवन लाभदायक साबित होता है, क्योंकि इसका सेवन करने से शरीर में बढ़ते ख़राब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है।
  • डायबिटीज के मरीजों के लिए राजगिरा का सेवन लाभदायक होता है, क्योकि राजगिरा में कई ऐसे तत्व मौजूद होते है, जो शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मददगार साबित होते है।
  • राजगिरा में जिंक (Zinc) के साथ-साथ विटामिन ए (Vitamin A) की भी अच्छी मात्रा पायी जाती है, इसलिए यदि आप राजगिरा का सेवन करते है, तो इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे आप सर्दी, जुखाम, बुखार जैसे वायरल इन्फेक्शन की चपेट में आने से बच सकते है।
  • राजगिरा का सेवन पाचन संबंधी समस्या को दूर करने में काफी मददगार साबित होता है, क्योंकि राजगिरा में फाइबर की भरपूर मात्रा पायी जाती है इसलिए इसके सेवन से पाचन तंत्र बेहतर होता है और कब्ज़ की शिकायत दूर होती है।
  • राजगिरा का सेवन एनीमिया (Anemia) की समस्या से पीड़ित व्यक्ति के लिए काफी लाभदायक साबित होता है, क्योकि राजगिरा में आयरन की प्रचुर मात्रा में पायी जाता है। इसलिए अगर आप राजगिरा करते है तो इससे आपके शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है और एनीमिया की शिकायत दूर होती है।

राजगिरा के इस्तेमाल में बरती जाने वाली सावधानियाँ।

  • राजगिरा के अधिक इस्तेमाल करने से पेट में ऐठन की समस्या हो सकती है।
  • जिन लोगों को किडनी स्टोन की शिकायत होती है, उनको राजगिरा का सेवन करने से बचना चाहिए।

राजगिरा का पोषक मूल्य (Nutritional value of Amaranth)

Nutritional Value of Amaranth

Nutrition per 100 grams

NutrientsPer 100 grams
Energy251 kcal
Carbohydrates46 gram
Fat3.9 gram
Protein9.3 gram
Dietary Fiber5.2 gram
Potassium332 mg (milligram)
Phosphorus364 mg (milligram)
Magnesium160 mg (milligram)
Calcium116 mg (milligram)
Iron5.2 mg (milligram)
Zinc2.1 mg (milligram)
Manganese2.1 mg (milligram)
Copper0.4 mg (milligram)
Vitamin B2 (Riboflavin)0.1 mg (milligram)
Vitamin B3 (Niacin)0.6 mg (milligram)
Vitamin B60.3 mcg (microgram)
Vitamin B9 (Folate)54.1 mcg (microgram)
Vitamin C (Ascorbic Acid)10.3 mg (milligram)
Vitamin E (α-tocopherol)0.5 mcg (microgram)

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8.  Finger millet (रागी) :

रागी को अंग्रेजी में फिंगर मिलेट (Finger millet) कहते है, और कुछ राज्यों में इसे मड़ुआ भी कहा जाता है, यह बहुत अधिक पोषक (nutritious) होता है, यह कैल्शियम (Calcium), फास्फोरस (Phosphorus), और विटामिन बी (Vitamin B) का बहुत समृद्ध स्त्रोत्र है। यह कैल्शियम रिच होता है, इसमें समान मात्रा दूध से ढाई गुना से अधिक कैल्शियम पाया जाता है। इसे छोटे बच्चो में माँ का दूध छुड़ाने (weaning food) के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है, क्योकि इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और बी विटामिन होते है, यह सुपाच्य भी होता है, इसमें जो कैल्शियम है वह हड्डियों के लिए बहुत अच्छा है, और इसमें मौजूद आयरन हिमोग्लोबिन बढ़ाता है।

आयुर्वेदा का मानना है की रागी त्रिदोष शांत करने वाली है, यानी यह वात, पित्त, और कफ तीनो दोषो को शांत करती है।

रागी के सेवन के फायदें (Health Benefits of Consuming Finger Millet)

  • गठिया (Arthritis) के मरीजों के लिए रागी का सेवन बहुत फायदेमंद है, इसके सेवन से गठिया के रोगियों में होने वाले दर्द में कमी आती है।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) से पीड़ित व्यक्ति अगर नियमित रूप से सेवन बहुत फायदेमंद है, रागी (Finger Millet) के नियमित सेवन से हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित व्यक्ति की कोलेस्ट्रॉल की रीडिंग कम हो जाती है।
  • रागी (Finger Millet) की तासीर गरम होती है, यदि सर्दियों में जिनको कफ, बलगम वगैरह बढ़ जाता है, इसलिए अगर कफ, बलगम वगैरह से पीड़ित व्यक्ति रागी का सेवन नियमित करेंगे तो वह देखेंगे की उनके कफ और बलगम से समस्या नियंत्रित और कम हो जायेगी, सर्दियों में रागी का गुड़ का हलवा खाना बहुत फायदेमंद रहता है।
  • कई लोगों में हाथ और पैर में जलन की समस्या अधिक होती है, ऐसे मामलों में डॉक्टर विटामिन बी (Vitamin B) के सप्लीमेंट (Medicines) प्रिस्क्राइब करते है, ऐसे लोग जिनको यह समस्या होती है, वह लोग अगर नियमित रागी का सेवन करे तो हम देखेंगे की ऐसे लोगो में विटामिन बी की कमी की समस्या दूर हो जाएगी और हाथ, पैर जलने की समस्या धीरे-धीरे समाप्त हो जायेगी।
  • कुछ लोगों में अधिक प्यास लगने की समस्या होती है, अगर ऐसे लोग रागी का घोल बनाकर पीये या रागी (Finger Millet) की खिचड़ी खाये तो भी अधिक प्यास लगने की समस्या दूर हो जायेगी।
  • सर्दियों में रागी (Finger Millet) का हलवा या लड्डू गुड़ में बनाकर खाना बहुत अधिक पौष्टिक होता है, और स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है।

रागी का पोषक मूल्य (Nutritional value of Finger Millet)

Nutritional Value of Finger Millet

Nutrition per 100 gram

NutrientsPer 100 gram
Energy328 kcal
Carbohydrates72 gram
Fat1.30 gram
Protein7.30 gram
Dietary Fiber11.50 gram
Iron3.9 mg (milligram)
Potassium408 mg (milligram)
Sodium11 mg (milligram)
Phosphorus210 mg (milligram)
Magnesium130 mg (milligram)
Manganese3.5 mg (milligram)
Calcium344 mg (milligram)
Carotene40 µg (microgram)
Zinc2.5 mg (milligram)
Vitamin B1(Thiamine)0.4 mg (milligram)
Vitamin B2 (Riboflavin)0.2 mg (milligram)
Vitamin B3 (Niacin)1.3 mg (milligram)
Vitamin B60.1 mg (milligram)
Vitamin B9 (Folate)35 mcg (microgram)
Vitamin K1 mcg (microgram)

9.  Buckwheat (कुट्टू) :

कुट्टू एक प्रकार का अनाज है, जो गेहूँ (Wheat) का बेहतर विकल्प माना जाता है। कुट्टू में बहुत से पोषक तत्व होते है, कुट्टू में सामान्य रूप से खाद्य आहार के रूप में किया जाता है। कुट्टू के आटें से हमें ऊर्जा ही नहीं मिलती बल्कि कई स्वस्थ्य सम्बन्धी फायदे हासिल होते है। कुट्टू के आटे में मैग्नीशियम (Magnesium), विटामिन बी (Vitamin B), आयरन (Iron), कैल्शियम (Calcium), फोलेट (Folate), जिंक (Zinc), कॉपर (Copper), मैंगनीज (Manganese), और फॉस्फोरस (Phosphorus) भरपूर मात्रा होता है, जो कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) और ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) को कम करता है। कुट्टू (Buckwheat) का आटा सेहत के लिए फायदेमंद है, यह ही वजह है की व्रत के समय इसे ख़ास महत्व दिया जाता है। यह कई बिमारियों से भी लड़ने की ताकत रखता है।

कुट्टू के आटे के सेवन से होने वाले फायदे – Benefits of Consuming Buckwheat Flour

  • कुट्टू (Buckwheat) के आटे के सेवन से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन (Blood Circulation) बेहतर होता है जिससे ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) से जुडी समस्याओं से निजात मिलती है।
  • कुट्टू (Buckwheat) में मौजूद फाइबर (Fiber) और मैग्नीशियम (Magnesium) शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को बढ़ाने में मदद करता है।
  • कुट्टू (Buckwheat) में फाइबर (Fiber) की पर्याप्त मात्रा होती है इससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और भूख नियंत्रित रहती है।
  • कुट्टू के आटे में पाये जाने वाले विटामिन बी और फोलेट जैसे तत्त्व आपके दिल को अंदरूनी रूप से मज़बूत बनाते है।
  • डायबिटीज (Diabetes) यानी शुगर की बीमारी में कुट्टू का आटा खाना बहुत फायदेमंद होता है, इसके सेवन से शरीर का इन्सुलिन (Insulin) स्तर सामान्य रहता है जिससे शुगर कण्ट्रोल रहती है।
  • कुट्टू (Buckwheat) हमारी हड्डियों (Bones) को मज़बूत करने में सहायक होता है, कुट्टू में मैग्नीशियम (Magnesium), कैल्शियम (Calcium), और फॉस्फोरस (Phosphorus) आदि की प्रचुरता होती है।
  • कुट्टू (Buckwheat) के आटे की रोटी खाने से शरीर की कमजोरी (Weakness) दूर होती है, जिससे व्यक्ति ऊर्जावान (Energetic) और एक्टिव (Active) महसूस करता है।
  • कुट्टू (Buckwheat) पाचन सम्बन्धी (Digestion related) परेशानी में राहत देता है, कुट्टू में फाइबर (Fiber) की अच्छी मात्रा होने के कारण यह पाचन प्रक्रिया को तेज़ करने में सहायक होता है।
  • कुट्टू (Buckwheat) में पाए जाने वाले खनिज पदार्थो में मैग्नीशियम (Magnesium) और कैल्शियम (Calcium) भी होते है, जो हमारे शरीर में एनीमिया (Anemia) की आशंका को ख़तम करते है।
  • लिवर (Liver) से जुड़ी बीमारी के लिए कुट्टू (Buckwheat) का सेवन करना लाभदायक होता है, क्योकि कुट्टू में बी काम्प्लेक्स (B-Complex) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

तो यह थे कुट्टू के सेवन के कुछ फायदे, आइये हम जानते है कुट्टू में पाएं जाने वाले पोषक तत्वों के बारें में।

कुट्टू का पोषक मूल्य (Nutritional value of Buckwheat)

Nutritional Value of Buckwheat

Nutrition per 100 grams

Nutrients Per 100 grams
Energy365 kcal
Protein12 gram
Total Carbohydrate72.9 gram
Dietary Fiber10 gram
Total Fat3.4 gram
Calcium110 mg
Iron4 mg
Magnesium390 mg
Phosphorus347 mg
Manganese3.4 mg
Zinc0.8 mg
Potassium460 mg
Copper1.1 mg
Selenium8.3 µg
Vitamin B1 (Thiamine)0.1 mg
Vitamin B2 (Riboflavin)0.4 mg
Vitamin B3 (Niacin)7 mg
Vitamin B5 (Pantothenic acid)1.2 mg
Vitamin B6 (pyridoxine)0.2 mg
Vitamin B9 (Folate)30 µg

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10. Sorghum (ज्वार) :

ज्वार, गेहूँ और चावल से ज्यादा हेल्दी होता है, इसका कारण है इसमें बहुत ज्यादा फाइबर (Fiber), प्रोटीन (Protein) होता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा भी अधिक होती है, इसमें बहुत सारे विटामिन्स (Vitamins) होते है। विटामिन्स में विटामिन बी 6 (Vitamin B6), नियासिन (Niacin, Vitamin B3), फोलिक एसिड (Folic Acid, Vitamin B9), और विटामिन के (Vitamin K) अधिक मात्रा में होते है। इसमें आयरन (Iron), कैल्शियम (Calcium), मैग्नीशियम (Magnesium) यह सारे मिनरल्स (Minerals) अधिक मात्रा में पाएं जाते है। इसमें फ्लेवनॉयड (Flavanoids) होता है, जो इसे एंटी कैंसर बनाता है। यह ग्लूटेन फ्री होता जिस कारण यह ग्लूटेन रेसिस्टिंग लोगो के लिए इसका सेवन उत्तम है।

ज्वार खाने के फायदे – Sorghum Khane Ke Fayde

तो आज हम देखेंगे ज्वार के सेवन से होने वाले फायदों के बारें में।

  • ज्वार (Sorghum) में आहारीय फाइबर अच्छी मात्रा में होता है और यह पाचन में सुधार करने में मदद करता है।
  • ज्वार (Sorghum) की भूसी की परत में कैंसर से लड़ने वाले और मुक्त कणों को खत्म करने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर के लिए आवश्यक हैं।
  • ज्वार (Sorghum) में मैग्नीशियम (Magnesium), कॉपर (Copper) और कैल्शियम (Calcium) होता है जो हड्डियों (Bones) को मजबूत बनाने में मदद करता है।
  • ज्वार (Sorghum) में आयरन (Iron) भी होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) को बढ़ाने में मदद करता है, यह सब बदले में हमारी प्रतिरक्षा (immunity) में सुधार करता है।
  • ज्वार (Sorghum) हृदय स्वास्थ्य  (Heart Health) में काफी सुधार करता है और शरीर को कई हृदय संबंधी स्थितियों से बचाता है।
  • ज्वार (Sorghum) एक ग्लूटेन-मुक्त (Gluten-Free) साबुत अनाज है जो ग्लूटेन इन्टॉलरेंस से पीड़ित लोगों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है।
  • एक कप ज्वार (Sorghum) में 22 ग्राम प्रोटीन (Protein) होता है जो शरीर को ऊर्जा (Energy) प्रदान करता है और कोशिका पुनर्जनन (Cell Regeneration) में भी सहायता करता है।
  • ज्वार (Sorghum), एक जटिल कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) है जो धीरे-धीरे पचता है जिससे रक्त शर्करा (Blood Sugar) में धीरे-धीरे वृद्धि होती है, इसलिए मधुमेह (Diabetes) के रोगियों के लिए ज्वार का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।

 

ज्वार का पोषक मूल्य (Nutritional value of Sorghum)

Nutritional Value of Sorghum

Nutrition per 100 grams

Nutrients Per 100 grams
Energy339 kcal
Protein11 gram
Total Carbohydrate74.3 gram
Dietary Fiber6.3 gram
Total Fat3.3 gram
Calcium28 mg
Iron4.4 mg
Magnesium165 mg
Phosphorus287 mg
Potassium350 mg
Zinc1.7 mg
Copper0.284 mg
Selenium12.2 mcg(microgram)
Thiamine (Vitamin B1)0.2 mg
Riboflavin (Vitamin B2)0.1 mg
Niacin (Vitamin B3)2.9 mg
Pantothenic acid (Vitamin B5)0.367 mg
Folate (Vitamin B9)20 mcg (microgram)
Alpha tocopherol (Vitamin E)0.50 mg

Conclusion (निष्कर्ष)

इस लेख के जरिये हमने जाना विभिन्न मिलेट्स (Millets) यानी बाजरे से होने वाले स्वास्थ्य लाभों (Health Benefits) के बारें में, इनके नियमित सेवन से हम स्वस्थ जीवन जी सकते है और हमारे शरीर को विभन्न रोगो से बचा सकते है।

इसका महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (United Nation) ने 2023 को मिलेट्स ईयर (Millets Year) घोषित किया है।

हाल ही में हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल मिलेट्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया और इस कॉन्फ्रेंस में मिलेट्स के महत्व, इसके उत्पादन, इसके प्रचार और इसके वितरण को बढ़ाने समेत अनेक मुद्दों पर चर्चा की गयी और इसमें आये हुए मेहमानो को मिल्लेट्स से बने व्यंजन परोसे गए।

आशा करता हूँ की यह लेख मिल्लेट्स (Millets) के बारे में आपकी जानकारी बढ़ाने में  मददगार रहेगा।

आपके उत्तम स्वस्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूँ।

लेखक : डॉ अनिल कुमार शर्मा BAMS (सेवानिवृत्त, अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेदा विभाग राजस्थान सरकार )

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