Do you know about alkaline water and how it cures many diseasesImage Credit: Adobe Stock

यहाँ हम Benefits of Alkaline water के बारे में देखेंगे, जो पानी का एक प्रकार है। जिसके सेवन से शरीर में रोगो को नियंत्रित किया जा सकता है। Alkaline water को हिंदी में क्षारीय जल भी कहते है। इस पानी का PH स्तर उच्च होता है। यह साधारण पानी से अलग होता है। चलिए आज हम एल्कलाइन वाटर के फायदे (Benefits of Alkaline water) के बारे में देखते है। और यह भी देखेंगे कि यह पानी हमारे स्वास्थ के लिए कैसे फायदेमंद है और इसे पीने में क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए। इस पानी को कैसे बनाया जाता है।

एल्कलाइन वॉटर क्या है? – What is Alkaline Water?

क्षारीय जल (Alkaline water) पानी का एक प्रकार है जिसमें पानी का PH स्तर उच्च होता है , जिससे उसका PH स्तर 7 से अधिक होता है। इसका सेवन सामान्य पानी की तुलना में अधिक शारीरिक और मानसिक लाभ प्रदान करता है। इसके सेवन से रोगो को नियंत्रित किया जा सकता, पाचन को सुधारा जा सकता है, त्वचा को बेहतर बनाता है और शरीर को जीवाणुओं से रक्षा करने में मदद करता है।

एल्कलाइन वॉटर कैसे बनाते है? – How to Make Alkaline Water?

घर पर Alkaline water ( क्षारीय जल ) तैयार करने के लिए निम्बू , खीरा, पुदीना, और अदरक के टुकड़ो का उपयोग इस प्रकार से करेंगे।
1. एक काँच के गिलास या जग में नॉर्मल पानी लें।
2. एक लीटर Alkaline water ( क्षारीय जल ) बनाने के लिए निम्नलिखित घटक दी गई मात्रा में मिलाएं।
4-5 निम्बू के स्लाइस लें , 6-7 खीरे के स्लाइस लें , लगभग 20-30 ग्राम पुदीना और 2 अदरक के स्लाइस लें।
3. इन सब को एक काँच के जग में एक लीटर के पानी में मिलाकर रात भर के लिए सामान्य तापमान (Room Temperature) में रख दे।
4. सुबह उठते ही खाली पेट इस Alkaline water ( क्षारीय जल ) का सेवन करे।

इस तरह के पानी को नियमित रूप से पीने से आपका शरीर एल्कलाइनिटी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। यह निम्बू , खीरा, पुदीना, और अदरक पौषक तत्वों से भरपूर होता है और हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी हो सकता है।

1. निम्बू (Lemon)

Alkaline water ( क्षारीय जल ) बनाने के लिए निम्बू का प्रयोग किया जाता है निम्बू एक उत्कृष्ट विटामिन सी (Vitamin C) का स्त्रोत है जो की इम्यून सिस्टम को मजबुत बनाए रखने में मदद करता है और बीमारियों से लड़ने में सहायक होता है। निम्बू में पाये जाने वाले पौषक तत्व – फोलेट (Folate), पोटैशियम (Potassium), कैल्शियम (Calcium), और मैग्नीशियम (Magnesium) यह सभी स्वस्थ शरीर के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण होते है। निम्बू के सेवन से पाचन को सुधारा जा सकता है।

2. खीरा (Cucumber)

Alkaline water ( क्षारीय जल ) बनाने के लिए खीरा का प्रयोग भी किया जाता है। खीरा भी स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है। खीरे में जल की मात्रा अधिकतम होती है इसमें विटामिन सी (Vitamin C), कैल्शियम (Calcium), मैग्नीशियम (Magnesium) और पोटैशियम (Potassium) जैसे पौषक तत्व होते है, जो स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक होते है यह पाचन को सुधारने में मदद करता है।

3. पुदीना (Mint)

Alkaline water ( क्षारीय जल ) बनाने के लिए पुदीना का प्रयोग भी किया जाता है। पुदीना के कई प्रकार के पोषक तत्व एवं गुण है पुदीने में मेन्थोल (Menthol) नामक तत्व पाया जाता है। जो की ठंडक प्रदान करने और स्वास नली स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करता है। पुदीना में विटामिन सी (Vitamin C), विटामिन ए (Vitamin A) और विटामिन के (Vitamin K) का अच्छा स्त्रोत है जो शरीर के लिए अति आवश्यक है।

4. अदरक (Ginger)

Alkaline water ( क्षारीय जल ) बनाने के लिए अदरक का प्रयोग भी किया जाता है। अदरक एक औषधीय जड़ी-बूटी है। यह पाचन को सुधारने में मदद करता है और अपच को कम करता है। अदरक के उपयोग से रक्तचाप को कम किया जा सकता है जिससे ह्रदय स्वास्थ्य को सुधारने में मदद मिलती है।

एल्कलाइन वॉटर का सेवन कैसे और कब करना चाहिए? – How And When Should Alkaline Water Be Consumed?

How And When Should Alkaline Water Be Consumed

क्षारीय जल (Alkaline Water) का सेवन करने का सही तरीका निम्नलिखित है:

1. समय

Alkaline water (क्षारीय जल) को सुबह-सुबह खाली पेट पीना बहुत अच्छा होता है, क्योंकि यह शरीर को नई ऊर्जा प्रदान करता है और पाचन को सुधारता है।

2. मात्रा

Alkaline water (क्षारीय जल) की मात्रा का भी ध्यान रखना पड़ता है। दिन भर में अधिकतम 2 लीटर Alkaline water (क्षारीय जल) का प्रयोग किया जा सकता है, इससे अधिक मात्रा में Alkaline water (क्षारीय जल)  का सेवन करने से शरीर में  PH (पी एच) लेवल असंतुलित हो सकता है, निर्धारित मात्रा 300 ml (मिलीलीटर) से 2 लीटर तक का सेवन सुरक्षित है। । यह सही pH स्तर बनाए रखने में मदद करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

3. तैयारी

Alkaline water (क्षारीय जल) की तैयारी रात को करनी चाहिए एवं इसे कुछ भी खाने से 30 मिनट पहले पी सकते हैं, लेकिन सुबह के समय पीना सर्वोत्तम होता है।

4. नियमितता

नियमित रूप से क्षारीय जल पीने से शरीर का PH स्तर संतुलित रहता है और सेहतमंद जीवन जीने में मदद करता है। इसे नियमित रूप से पीने से शरीर की संतुलितता बनी रहती है।

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एल्कलाइन वाटर के सेवन से होने वाले फायदे (Benefits of Alkaline Water)

क्षारीय जल (Alkaline Water) पीने के सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते है जो कि इस प्रकार है –

  • इस जल के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ है। जैसा की हम जान सकते है कि नल का पानी या बोतल का पानी Acidic हो सकता है। और स्वास्थ्य सम्बन्धित बीमारियां भी कर सकता है। इस पानी की तुलनाओं में Alkaline water ( क्षारीय जल ) बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है। अब हम बताते है एल्कलाइन वॉटर के फायदे (Benefits of Alkaline water) ।
  • क्षारीय जल हाइड्रोजन से भरपूर होता है क्योंकि इसके अणु आणविक स्तर पर एक साथ एकत्रित होते हैं, जिससे यह कोशिकाओं में अधिक आसानी से प्रवेश कर पाता है और विषाक्त पदार्थों और रोगजनकों को बाहर निकाल देता है।
  • यह त्वचा को लंबे समय तक जवां और तरोताजा बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, क्षारीय जल अतिरिक्त एसिड को निष्क्रिय करने में मदद करता है।
  • Alkaline water ( क्षारीय जल ) एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) को रोकने में मदद करता है। नॉर्मल पानी की तुलना में Alkaline water (क्षारीय जल) में छोटे-छोटे अणुओं (Molecules) की वजह से यह शरीर को बेहतर तरीके से हाइड्रेट (Hydrate) रखता है, और मैग्नीशियम (Magnesium) होने से यह Alkaline water (क्षारीय जल) आपके इम्यून सिस्टम में सुधार करता है।

हमे एल्कलाइन वॉटर के सेवन में क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए। – What Precautions Should We Take While Consuming Alkaline Water?

  • Alkaline water (क्षारीय जल) पीते समय कुछ चीजों का ध्यान रखना जरुरी है जैसे अधिक मात्रा में Alkaline water (क्षारीय जल) नहीं पियें। क्योंकि इससे आपके शरीर का नेचुरल PH स्तर बिगड़ जाएगा और एल्कोलोसिस (Alkolosis) भी हो सकता है जिसमें ब्लड काफी एल्कलाइन (Alkaline) हो जाता है।
  • एल्कोलोसिस (Alkolosis) स्थिति के लक्षण भी है जो की इस प्रकार के है सर दर्द (Headache), असमंजस या भ्रम (Confusion) और बेचैनी होना (Restlessness) इसलिए ध्यान रहे की एक व्यक्ति दिन में दो लीटर (2 Liter) से ज्यादा Alkaline water (क्षारीय जल) ना पिएँ।
  • जिन लोगो को किडनी (Kidney) की बीमारी है उन्हें भी Alkaline water (क्षारीय जल) नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे उनकी किडनी (Kidney) पर बहुत अधिक जोर पड़ेगा।
  • सुबह खाली पेट Alkaline water (क्षारीय जल) के सेवन के लगभग 45 मिनट से 1 घंटे पहले और बाद में तक किसी चीज़ का सेवन ना करे, विशेष रूप से दूध और चाय।

लेखक : डॉ. सुरेंद्र कुमार शर्मा (आयुर्वेदिक चिकित्सक)

स्रोत : NCBI

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By KOUSHAL KHANDAL

I am a content writer with almost 10 years of experience. I have been associated with Dr. Anil Kumar Sharma & Dr. Surendra Kumar Sharma for the last 6 years. Due to the family legacy and interest in Ayurveda, I started writing content based on Ayurveda under the guidance and proofreading of both doctors.

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